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नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल: जागरूकता और भागीदारी से बढ़ा उम्मीद का उजाला, लेकिन चुनौती अब भी बनी हुई

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सिहावल, 28 जुलाई 2025 – नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल के तहत थाना अमिलिया द्वारा पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के अंतर्गत एक प्रभावशाली जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन सिहावल तहसील कार्यालय में संपन्न हुआ, जिसमें प्रशासनिक, स्वास्थ्य और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम की शुरुआत नायब तहसीलदार श्री दिनेश तिवारी, BMO डॉ. राम भूषण पटेल, वन विभाग के रेंजर श्री नावेद सिंह और चतुर सिंह सोन घड़ियाल, तथा थाना अमिलिया के पुलिस स्टाफ की उपस्थिति में हुई। उपस्थित सभी अधिकारियों ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए नशा मुक्ति की आवश्यकता पर बल दिया।

🔹नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल से मिली जागरूकता की नई दिशा

नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल के दौरान वक्ताओं ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई और जागरूकता बढ़ाने हेतु पोस्टर वितरित किए गए।

डॉ. राम भूषण पटेल ने स्वास्थ्य के नजरिए से नशे को एक धीमा ज़हर बताया, जबकि रेंजर नावेद सिंह ने समाज में बढ़ते अपराधों को इससे जोड़ते हुए युवाओं को जागरूक रहने की अपील की।

🔹 नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल में दिखा प्रशासनिक समन्वय का उदाहरण

इस नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें स्वास्थ्य, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के लगभग 75 अधिकारी-कर्मचारी एक साथ जुटे। इससे यह स्पष्ट संदेश गया कि नशा मुक्ति केवल एक विभाग का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पुलिस स्टाफ में उप निरीक्षक इंद्राज सिंह, ASI अजीत पांडेय, आरक्षक 343 विकास सिंह चंदेल एवं 518 शुभेन्द्र पांडे ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

🔹 नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल से जागरूक समाज की ओर सार्थक प्रयास

नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल अभियान एक स्पष्ट दिशा में प्रयास है—एक ऐसे समाज के निर्माण की जो नशा मुक्त हो, स्वस्थ हो और सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे। शिक्षा और जनजागरूकता के माध्यम से नशा मुक्ति संभव है, लेकिन इसके लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि नशे की लत से न केवल स्वास्थ्य बल्कि सामाजिक और पारिवारिक ताना-बाना भी टूटता है। अतः नशा मुक्ति के लिए सतत प्रयास और जन सहयोग सबसे बड़ी आवश्यकता है।

निष्कर्ष:

नशा मुक्ति जनसंवाद सिहावल कार्यक्रम ने नशे के खिलाफ जन चेतना को मजबूती दी है। हालांकि चुनौतियाँ अभी भी शेष हैं, लेकिन प्रशासन और समाज की एकजुटता इस लड़ाई को सफल बना सकती है।

 


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