भोपाल में दुष्कर्मी जीजा को 20 साल की सजा, पीड़िता को मिली 4 लाख की राहत

भोपाल। भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा मामले में विशेष कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 11 साल की साली से सात महीने तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी अनिल मोरे को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता के भविष्य को देखते हुए न्यायालय ने 4 लाख रुपये प्रतिकर राशि देने का आदेश भी पारित किया है।
भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा में कोर्ट का बड़ा फैसला
भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा में 15वें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश श्रीमती कुमुदिनी पटेल ने आरोपी अनिल मोरे को दोषसिद्ध कर धारा 376(2)(एफ), 376(2)(एन), 323, 506 भादवि एवं पॉक्सो एक्ट की धाराओं में अलग-अलग 20 वर्ष, 10 वर्ष एवं 1-1 वर्ष की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी पर कुल 400 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा का पूरा मामला क्या है?
भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा मामले में चाइल्ड लाइन ने टीटी नगर थाने में 2020 में रिपोर्ट दी थी कि आरोपी अनिल मोरे, जो पीड़िता का सगा जीजा है, ने 7 महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के माता-पिता नहीं थे और बड़े भाई ने उसे बहन के घर भेजा था। आरोपी ने पीड़िता की बहन को काम पर भेजकर घर में अकेला पाकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया और धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से मार देगा।
भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा के दौरान पीड़िता को मिला न्याय
भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा मामले में पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए घर छोड़कर एमपी नगर में मुस्कान संस्था की मदद से पूरी घटना बताई। पुलिस ने 376, पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुश्री दिव्या शुक्ला और श्रीमती ज्योति कुजूर ने पैरवी की, जिसके बाद आरोपी को दोषसिद्ध किया गया।
भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा में पीड़िता को 4 लाख मुआवजा
भोपाल दुष्कर्मी जीजा सजा मामले में कोर्ट ने पीड़िता के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए 4 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश पारित किया है। वर्तमान में पीड़िता केरल में बच्चों को फ्रिसबी प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है और उसने 12वीं कक्षा 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण कर खेल के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा जताई है।



