9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी की चौंकाने वाली वापसी – कोतवाली पुलिस की मेहनत रंग लाई, परिजन हुए भावुक

सीधी। 9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी को आखिरकार कोतवाली पुलिस ने दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया है। यह कार्रवाई पुलिस प्रशासन की लगातार प्रयासों और समर्पण का परिणाम है। बच्ची के सकुशल मिलने की खबर से जहां परिजन भावुक हो उठे, वहीं पुलिस विभाग की कार्यकुशलता की भी सराहना हो रही है।
9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी के केस में शुरुआती जांच
9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट 07 मई 2016 को थाना कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। परिजन ने बताया कि जब वे जंगल से लौटे तो उनकी बड़ी बेटी घर पर नहीं मिली। काफी तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला, जिससे परिजन और पुलिस दोनों चिंतित हो उठे। मामला दर्ज कर गंभीरता से विवेचना शुरू की गई थी।
9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी की खोज में घोषित हुआ इनाम
जांच में जब कोई ठोस जानकारी नहीं मिली तो 9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी की खोज के लिए पुलिस अधीक्षक सीधी डॉ. रवीन्द्र वर्मा द्वारा ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया। यह कदम केस को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध हुआ। पुलिस की पारंपरिक खोजबीन के साथ तकनीकी पहलुओं पर भी गंभीरता से कार्य किया गया।
9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी को दस्तयाब करने में लगी पूरी टीम
लगातार प्रयासों के बाद 26 जून 2025 को पुलिस को बड़ी सफलता मिली और 9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी को दस्तयाब किया गया। वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर उसे परिजनों को सौंपा गया, जिन्होंने बच्ची को देखकर राहत की सांस ली।
इस कार्य में उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती गायत्री तिवारी, निरीक्षक कन्हैया सिंह बघेल, उपनिरीक्षक विवेक द्विवेदी, राजमणि अहिरवार, प्रधान आरक्षक दलपत सिंह, महिला आरक्षक प्रिया तिवारी और चालक प्रधान आरक्षक जीतेंद्र बागरी की उल्लेखनीय भूमिका रही।
9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी के लौटने से घर में खुशी का माहौल
9 वर्ष पूर्व लापता किशोरी को जब परिजनों के सुपुर्द किया गया, तो सभी भावुक हो गए। इतने वर्षों की तलाश के बाद बेटी को पाकर परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। इस पूरे घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि जब पुलिस पूरी निष्ठा से कार्य करती है, तो कोई भी मामला असंभव नहीं रहता।




