वेतन के भुगतान हेतु रिश्वत की मांग करने वाले अधिकारियों को सजा

वेतन के भुगतान हेतु रिश्वत की मांग करने वाले अधिकारियों को सजा
शाजापुर। विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (श्री मुकेश रावत) द्वारा जिला कार्यक्रम प्रबंधक और प्रभारी जिला लेखा प्रबंधक को रिश्वत मांगने और प्राप्त करने के आरोप में दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई है।
सजा का विवरण
1. राहुल जैन (तत्कालीन जिला कार्यक्रम प्रबंधक)
– सजा: धारा 7 भ्र.नि.अधि. 1988 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास।
– अर्थदंड: ₹10,000।
– धारा 120 बी भादवि के तहत 6 माह कारावास एवं ₹1,000 का जुर्माना।
2. नवीन अग्रवाल (तत्कालीन प्रभारी जिला लेखा प्रबंधक)
– सजा: धारा 7 भ्र.नि.अधि. 1988 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास।
– अर्थदंड: ₹10,000।
– धारा 120 बी भादवि के तहत 6 माह कारावास एवं ₹1,000 का जुर्माना।
मामले का विवरण
विशेष लोक अभियोजक सचिन रायकवार ने बताया कि
– घटना:
आरोपीगण ने आवेदक लालसिंह परमार (जिला सूचना शिक्षा संचार सलाहकार) से अक्टूबर 2019 से जनवरी 2020 तक के वेतन भुगतान के लिए ₹20,000 रिश्वत की मांग की।
– दिनांक 10 फरवरी 2020 को, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई कक्ष, शाजापुर में रिश्वत की राशि प्राप्त की गई।
–षड्यंत्र दोनों आरोपियों ने मिलकर इस रिश्वत को प्राप्त करने का षड्यंत्र रचा था।
लोकायुक्त जांच
लोकायुक्त पुलिस उज्जैन द्वारा जांच के बाद मामला विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय का निर्णय
विशेष लोक अभियोजक सचिन रायकवार द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक, शाजापुर




