क्षतिग्रस्त सोन जोगदह पुल पर यमराज को चुनौती देते ओवरलोड वाहन,प्रशासन ने मूंद रखी हैं आंखें

सीधी। आए दिन सीधी जिला हादसों की मार से थर्राता रहता है। दुर्घटना संभावित क्षेत्र कौन से हैं ऐसे स्थान भी चिन्हित हैं। लेकिन गजब की बात यह है कि ना तो प्रशासन ही इस तरफ गंभीरता से ध्यान देता और ना ही आम आदमी अपनी जान की परवाह करता दिखाई पड़ता है। सालों से क्षतिग्रस्त सोन जोगदह पुल अपनी दुर्दशा को लेकर बराबर चीखता चिल्लाता चला आ रहा है। लेकिन ओवरलोड वाहनों को जरा भी तरस नहीं आता और क्षतिग्रस्त पुल को बराबर रौंदते हुए आबाजाही करते चले जा रहे हैं। जिसमें रेत से लदे हाईवा वाहनों की प्रमुख भूमिका दिखाई देती है। देख कर ऐसा लगता है जैसे यह स्वयं यमराज से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं।
बार-बार खबर प्रकाशन के बाद भी इस संबंध में प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद रखी हैं। जोगदह सोन पुल के इस पार थाना बहरी पुलिस का पहरा तो उस पार थाना अमिलिया पुलिस का पहरा फिर भी परिणाम जीरो बटा सन्नाटा। इन सब के बीच में कोई ना कोई खिचड़ी तो जरूर पक रही है। इस तरह का रवैया निश्चित ही किसी बड़ी एवं भयावह दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त सोन जोगदह पुल को गंभीरता से ना लेना, दरकिनार करना, किसी न किसी दिन बेगुनाह लोगों को मौत के मुंह में जाने एवं चीखने चिल्लाने के लिए मजबूर कर देगा। तब विभिन्न पार्टियों के नेता भी घडि़याले आंसू बहाने में जरा भी शरमायगें नहीं। कितना अच्छा होता जब समय रहते सभी की आंखें खुल जातीं।




