“सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक का बड़ा ऐलान! देवसर में 50 सीटर छात्रावास का लोकार्पण, अब 100 सीटर बनाने की पहल”

देवसर, मध्य प्रदेश – आदिवासी, अनुसूचित जाति एवं गरीब वर्ग के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 50 सीटर सीनियर बालक छात्रावास भवन का लोकार्पण किया गया। यह भवन 4.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हुआ है।
इस अवसर पर विधायक विश्वामित्र पाठक (सिहावल) ने कहा, “हमारी सरकार हर छात्र को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रावास निर्माण से अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों को उच्च शिक्षण संस्थानों जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे अपने भविष्य को संवार सकें।”
पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ उद्घाटन
छात्रावास भवन का उद्घाटन मंत्रोच्चार, मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और फीता काटकर किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
छात्रों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
मुख्य अतिथि विधायक पाठक ने छात्रावास निर्माण कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी विभाग यह सुनिश्चित करे कि छात्रों को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से प्राप्त हों।
उन्होंने घोषणा की कि छात्रावास को 100 सीटर एवं उत्कृष्ट छात्रावास के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
क्षेत्र में शिक्षा और अधोसंरचना का विकास जारी
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि देवसर अंचल में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस मौके पर कई प्रमुख अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें –
– प्रदीप चढ़ार (कार्यपालन यंत्री, PIU)
– संजीव तिवारी (CEO जनपद पंचायत, देवसर)
– नागेश्वर पनिका (तहसीलदार, देवसर)
– लाला सिंह (प्राचार्य, उत्कृष्ट विद्यालय देवसर)
– कमलेंद्र द्विवेदी (प्राचार्य, कन्या विद्यालय)
– शिवराम गुप्ता (प्राचार्य, मॉडल विद्यालय देवसर)
– सुखदेव सिंह (BEO)
– शतीस श्रीवास्तव (SDO, PIU)
– शिवशंकर बैस (सरपंच, ओड़गड़ी)
– प्रशांत शुक्ला, शिक्षक गण, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक शामिल थे।
➡ इस नए छात्रावास से छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे अपने शैक्षिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। प्रशासन अब इसे 100 सीटर छात्रावास बनाने की दिशा में कार्य करेगा।




