“साइबर ठगी से बचना है तो ज़रूर पढ़ें! अमिलिया पुलिस ने ग्राम उक्सा में दिए ये जरूरी टिप्स”
अमिलिया पुलिस ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए दी महत्वपूर्ण जानकारी

अमिलिया पुलिस के द्वारा 2 फरवरी 2025 को ग्राम पंचायत उक्सा में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराध जागरूकता अभियान के तहत संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना और साइबर अपराधों से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी देना था।
साइबर सुरक्षा के लिए दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण बातें बताईं, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों का शिकार न हों।
क्या करें:
– सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की गोपनीयता सेटिंग्स को सुरक्षित रखें।
– ईमेल और अन्य ऑनलाइन खातों के पासवर्ड को मजबूत बनाएं और नियमित रूप से बदलते रहें।
– अपनी निजी जानकारियों को सार्वजनिक न करें।
– अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में खराबी आती है तो उसे विश्वसनीय व्यक्ति से अपने सामने ही ठीक करवाएं।
– पुराने डिवाइस को बेचने से पहले उसका पूरा डाटा हमेशा सुरक्षित रूप से डिलीट करें ताकि कोई भी व्यक्ति उसे पुनः प्राप्त न कर सके।
– ऑनलाइन लॉटरी, केबीसी, कैशबैक, जबरदस्त लोन ऑफर, बीमा और फर्जी शॉपिंग ऑफर्स से सतर्क रहें।
– ऑनलाइन शॉपिंग केवल मान्यता प्राप्त ई-कॉमर्स वेबसाइट से करें।
क्या न करें:
– सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
– अपने पिन, पासवर्ड या ओटीपी को किसी के साथ साझा न करें और न ही इसे कहीं लिखकर रखें।
– अनजान लोगों से वीडियो कॉल न करें।
– सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, निजी या अंतरंग फोटो-वीडियो साझा न करें।
– अपने मोबाइल या कंप्यूटर में संवेदनशील तस्वीरें या वीडियो न रखें।
– सोशल मीडिया पर किसी मित्र द्वारा आर्थिक सहायता मांगने पर पहले उसकी पुष्टि करें, बिना जांचे पैसे न भेजें।
– किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
– ऑनलाइन मित्रों से अकेले मिलने न जाएं।
– किसी भी महंगे गिफ्ट के लालच में कस्टम ड्यूटी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे जमा न करें।
साइबर अपराधों से बचने की दी गई सलाह
कार्यक्रम में उप निरीक्षक इंद्राज सिंह ने बढ़ते साइबर अपराधों, जैसे कि साइबर ठगी, फिशिंग, फेक कॉल, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड, एटीएम क्लोनिंग और ऑनलाइन वित्तीय ठगी से बचने के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागरिकों को आगाह किया कि वे अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से सतर्क रहें।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल और साइबर बुलिंग से बचने के तरीके भी समझाए गए। पुलिस अधिकारियों ने “सेफ क्लिक” हेल्पलाइन नंबर साझा किया और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी
इस जागरूकता अभियान में स्थानीय नागरिकों, पुरुषों, महिलाओं, बच्चों और समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच सूर्य प्रसाद पटेल, प्रधान अध्यापक राम नरेश वर्मा सहित कुल 125 नागरिकों की उपस्थिति रही।
इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग से उप निरीक्षक इंद्राज सिंह, सहायक उप निरीक्षक दधीच अग्निहोत्री, प्रधान रक्षक 46 राजेंद्र सिंह चौहान और अन्य पुलिसकर्मी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
नागरिकों को किया गया जागरूक
इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी नित नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए सभी को सावधान रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
इस पहल से ग्रामीणों में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है और उन्होंने पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।




