छेडछाड के आरोपी को 03 वर्ष का कठोर कारावास व 1,000/- रू. अर्थदण्ड

छेडछाड के आरोपी को 03 वर्ष का कठोर कारावास व 1,000/- रू. अर्थदण्ड
बताया गया कि दिनांक 26.12.2021 को अभियोक्त्री ने पुलिस चैकी खड्डी में उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 15.12.2021 वह अपने माता -पिता के साथ अपने नानी के घर ग्राम रतवार आई थी, उसके माता-पिता उसे छोडकर उसी दिन वापस घर चले गये थे। दिनांक 17.12.2021 को शहडेल जिले का उमेश पनिका उसके नाना से झाड-फूंक करवाने के लिये आया था, दोपहर करीबन 1:00 बजे उमेश पनिका उसे बोला कि चलो उसे बाईक सिखा देता है और उसे घोंघी जंगल तरफ ले गया, जंगल के पास पहुचकर उमेश पनिका गलत नियत से उसका हाथ पकडा और उसके सीने में हाथ लगाकर उसे जबरदस्ती किस किया, तब वह अपने आप को छुडाकर घर तरफ जाने लगी और बोली कि वह अपने मामा को बताएगी तो बोला कि जिसे बताना होगा बता देना वह किसी को नहीं डरता, फिर उसे अपनी मोटरसाईकिल में बैठाकर उसक नानी के घर छोड दिया। बदनामी के डर के कारण वह पहले किसी को नहीं बताई, फिर 1-2 घण्टे बाद अपनी मामी रानी केवट , मामा बालकरण केवट को सारी बता बताई, फिर दो दिन बाद जब उसके माता-पिता आये तो सारी बात उन्हे भी बताई, वह बीमार हो गई थी। उक्त सूचना के आधार पर पुलिस चैकी खड्डी में अभियुक्त उमेश पनिका तनय जगत पनिका उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम गोरखपुर , थाना बजाग, जिला डिंडोरी, हाल पता- धरौल मोहल्ला वार्ड क्रमांक 20, सूर्या होटल के पास गाधी चैक, थाना कोतवाली, जिला शहडोल (म0प्र0) के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्रमांक 888/2021, धारा 354 भा.दं.सं. एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 7/8 के अन्तर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालयीन विचारण के दौरान जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा के द्वारा शासन की ओर से पैरवी करते हुए अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप न्यायालयीन विशेष सत्र प्र. क्र. 160/21 में माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अभियुक्त को धारा- 7/8 के आरोप में तीन वर्ष के सश्रम कारावास से एवं 1,000/- (एक हजार) रुपये के अर्थदंड से एवं अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में छः माह के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।
(2) : *शादी का झांसा देकर बलात्कार करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास व 6,000/- रू. अर्थदण्ड*:
दिनांक 31.07.2022 को अभियोक्त्री ने थाना प्रभारी महिला थाना सीधी में शादी का झांसा देकर उसके साथ गलत काम करने के संबंध में लिखित आवेदन इस आशय का प्रस्तुत किया कि वह नफीस अंसारी पिता मोहम्मद साकिर उम्र-19 साल, निवासी ग्राम गोडाही, थाना-बहरी, जिला-सीधी (म0प्र0) जो उसके गाव का है, को लगभग एक वर्ष से जानती थी, धीरे-धीरे उसकी उससे बात होने लगी , जो उससे शादी करने के लिये बोला तो उसने मना कर दी, फिर कुछ दिन बाद बोला अगर उससे शादी नहीं करेगी तो वह उसे जान से मार देगा, फिर उसने उससे डर गई, घर में किसी से शादी की बात नहीं बताई। दिनांक 29 जून को पुनः उससे शादी की बात बोला, तब उसने मना की, दिनांक 3 जुलाई 2022 को रात करीबन 10 बजे उसके घर आकर जब वह अपने छत में सोई थी तो नफीस उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया, उसने मना की तो बोला कि किसी से मत बताना , वह उसे शादी करके रखवा लेगा तथा उसे डराया धमकाया, डर के कारण वह अपने घर में नहीं बताई, कल जब उसके पिताजी आये तब वह घर में सारी बात बतायी। उक्त लिखित सूचना के आधार पर महिला थाना सीधी में आरोपी नफीस अंसारी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्रमांक 32/2022 धारा 376,506 भा.दं.वि. एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3/4 एवं 3(1)(अ), 3(2)(अ) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालयीन विचारण के दौरान जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा के द्वारा शासन की ओर से पैरवी करते हुए अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप न्यायालयीन विशेष सत्र प्र. क्र. 122/22 में माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अभियुक्त को ‘‘अधिनियम‘‘ की धारा- 3 सहपठित धारा 4 के आरोप में दस वर्ष के सश्रम कारावास से एवं 5,000/-रूपये के अर्थदंड से एवं अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में दो वर्ष के सश्रम कारावास से एवं scst act 3(1)(w)(i) के आरोप में आरोपी को 03 वर्ष के सश्रम कारावास से एवं 1000/- रुपये के अर्थदंड से एवं अर्थदंड के व्यतिक्रम में 03 माह के सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया गया।




