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ईओडब्ल्यू की कार्यवाही के बाद भी कैसे दिया गया प्रभार -अंकुश मोहनी…

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ईओडब्ल्यू की कार्यवाही के बाद भी कैसे दिया गया प्रभार -अंकुश मोहनी.

 

*रिपोर्ट*👉 अरुण मिश्रा

 

सीधी। खड्डी क्षेत्र के युवा समाजसेवी विनय पाण्डेय अंकुश मोहनी ने प्रशासन पर एक बडा सवाल खड़ा कर दिया है, उन्होने कहा कि रिश्वतखोरी में पकड़े गए डाक्टर को एक बार फिर उसी कुर्सी का प्रभार कैसे सौंप दिया गया है जिस पर बैठकर उसने कुछ महीने पहले रिश्वत ली थी। यह जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दी है। अंकुश मोहनी ने कहा की नियम भी है कि यदि किसी कुर्सी पर लोक सेवक रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाता है तो उसे तत्काल पद से हटाया जाता है ताकि वह आगे जांच को प्रभावित नहीं करे और लोगों का भरोसा भी बना रहे।रामपुर नैकिन का बीएमओ प्रशांत तिवारी को बनाए जाने पर अंकुश मोहनी ने विरोध खड़ा कर दिया है। अंकुश मोहनी का कहना है कि सत्ता के करीबियों ने पहले ही कह दिया था कि वह फिर से उसी पद पर बैठाएंगे।प्रभार मिलते ही डाक्टर प्रशांत तिवारी ने अपने हिसाब से ड्यूटी लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। अंकुश मोहनी ने कहा की कोई अधिकारी यदि पहले रिश्वतखोरी में पकड़ा जा चुका है तो उससे इमानदारी की उम्मीद नहीं हो सकती है, प्रशासन से मांग है इन्हे हटाया जाय।

 

विनय पाण्डेय अंकुश मोहनी ने कहा की बीस हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था बीते साल सितंबर महीने में डॉक्टर प्रशांत तिवारी तत्कालीन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर रामपुर नैकिन जिला सीधी को बीस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। फरियादी राजेश यादव के भाई सुरेश यादव की दिनांक अठारह अगस्त बाइस को पानी में डूबकर मृत्यु हो गई थी। शासन द्वारा पानी से डूबने पर मृत्यु होने पर परिजनों को चार लाख रुपए की राहत राशि दिए जाने का प्रावधान है, जिसके लिए डॉक्टर के द्वारा बनाई गई पीएम रिपोर्ट की आवश्यकता होती है।डॉक्टर प्रशांत तिवारी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर रामपुर नैकिन द्वारा पीएम रिपोर्ट नहीं बनाई जा रही थी और पीएम रिपोर्ट तैयार कर देने के बदले रिश्वत की राशि पचास हजार रुपए की मांग की जा रही थी ।फरियादी ने चौदह सितंबर दो हजार बाइस को प्रथम किस्त बीस हजार रुपए आरोपी डॉक्टर प्रशांत तिवारी को देने गया तो डॉक्टर द्वारा प्रमोद कुशवाहा जो कि डॉक्टर के घर पर खाना बनाता है उसको देने को कहा जैसे ही फरियादी प्रमोद कुशवाहा को रुपए दिया तभी इओडब्ल्यू रीवा की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रा आरोपी डाक्टर को थाने के लाकप में रखा गया था।इस कार्रवाई में रीवा ईओडब्ल्यू टीम के निरीक्षक अरविंद दुबे, निरीक्षक मोहित सक्सेना, निरीक्षक प्रवीण चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक सीएल रावत, उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा, उपनिरीक्षक अभिषेक पांडेय, उपनिरीक्षक गरिमा त्रिपाठी, एएसआई संतोष पांडेय, प्रधान आरक्षक सत्यनारायण मिश्रा, प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र पटेल, आरक्षक घनश्याम त्रिपाठी, आरक्षक धनंजय अग्निहोत्री, महिला आरक्षक पूर्णिमा सिंह, प्रधान आरक्षक चालक ओंकार शुक्ला, आरक्षक चालक संतोष मिश्रा आदि मौजूद रहे थे।


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