सड़क पर उतरे न्यायिक मजिस्ट्रेट, लोगों को समझाए कानून और यातायात के नियम; 48 हजार रुपये के चालान
रामपुर नैकिन, हत्था और बघवार में तीन घंटे चला विशेष अभियान | मोबाइल कोर्ट से कार्रवाई के साथ दुकानदारों और वाहन चालकों को दी गई समझाइश

सीधी। कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेटों ने सड़क पर उतरकर आम नागरिकों से सीधा संवाद किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट परमानंद सनोड़िया और अरहम खान ने रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के रामपुर नैकिन, हत्था और बघवार में पैदल भ्रमण कर दुकानदारों, व्यापारियों, वाहन चालकों और आम लोगों को कानून एवं यातायात नियमों की जानकारी दी। इस दौरान मोबाइल कोर्ट के माध्यम से करीब 48 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।
दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चले अभियान में रामपुर नैकिन थाने के करीब 12 पुलिसकर्मी और पिपराव के पांच कर्मचारी भी शामिल रहे। न्यायिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने लगभग दो किलोमीटर तक पैदल भ्रमण कर बाजारों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर आवागमन, यातायात व्यवस्था और दुकानों के संचालन से जुड़े नियमों के पालन की स्थिति देखी गई।
अभियान के दौरान फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले फल विक्रेताओं, जूते-चप्पल के व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं से संवाद किया गया। उन्हें सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण कर आवागमन बाधित नहीं करने और निर्धारित नियमों के अनुसार व्यवसाय करने की समझाइश दी गई। वहीं, ऑटो रिक्शा चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, सुरक्षित वाहन संचालन और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट अरहम खान ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंडित करना नहीं, बल्कि लोगों को कानून, उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी है। आम नागरिकों के बीच पहुंचकर संवाद करने से नियमों के प्रति समझ विकसित होती है और लोग अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
अभियान में चालानी कार्रवाई के साथ समझाइश को भी प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर व्यवस्था बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।




