मझौली लोक सेवा केंद्र पर अनियमितताओं के आरोप, शिवसेना ने दी तालाबंदी की चेतावनी

सीधी। मझौली लोक सेवा केंद्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिवसेना ने मोर्चा खोल दिया है। शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडेय ने जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन लोक सेवा केंद्र में तालाबंदी करने के लिए बाध्य होगा।
जांच और पूर्व आदेशों पर उठाए सवाल
विवेक पांडेय ने आरोप लगाया कि पूर्व जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी और एसडीएम मझौली के कार्यकाल में हुई जांच के दौरान संबंधित लोक सेवा केंद्र संचालक को दोषी पाया गया था। उनके अनुसार, राशि जमा कराने, जुर्माना लगाने और कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए गए थे। हालांकि, उनका दावा है कि अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

शिवसेना ने सवाल उठाया कि यदि जांच के बाद आदेश जारी किए गए थे, तो उनका पालन क्यों नहीं हुआ और संबंधित मामले में कार्रवाई लंबित रहने की वजह क्या है।
अधिक शुल्क वसूलने सहित कई अनियमितताओं की शिकायत
शिकायत पत्र में लोक सेवा केंद्र के कामकाज को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। इनमें निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलना, आवेदकों को रसीद नहीं देना, अभिलेखों का उचित रखरखाव नहीं करना और जाति प्रमाण-पत्र के आवेदनों को तय समय-सीमा में संबंधित कार्यालय तक नहीं पहुंचाना शामिल है।
विवेक पांडेय ने कलेक्टर से पूर्व में जारी आदेशों का पालन कराने, मामले की निष्पक्ष वित्तीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
कार्रवाई नहीं हुई तो तालाबंदी की चेतावनी
शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि यदि शिकायत पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन मझौली लोक सेवा केंद्र में तालाबंदी करने का कदम उठा सकता है। अब प्रशासन की ओर से शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।
इस दौरान शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडेय, जिला अध्यक्ष बेनाम सिंह बघेल, जिला उपाध्यक्ष हृदय त्रिवेदी उर्फ हेतु, नगर अध्यक्ष जैनेंद्र सिंह चौहान उर्फ मुन्ना, अनिल केवट, सुनील सिंह और मझौली के तलवारी से रामकुमार कोल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




