नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को 5 साल की सजा, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला

भोपाल। नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ और बुरी नीयत से हाथ पकड़ने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पूरन सिंह आदिवासी को पॉक्सो एक्ट के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक श्रीमती ज्योति कुजूर ने बताया कि 17 जून 2026 को अनन्य विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) श्री मनोहरलाल पाटीदार की अदालत ने मामले में फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी पूरन सिंह आदिवासी को पॉक्सो एक्ट की धारा 9एम/10 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 74 बीएनएस के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
ऐसे हुआ था मामला दर्ज
अभियोजन के अनुसार 7 मई 2025 को पीड़िता की मां ने पुलिस थाना अशोका गार्डन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी नाबालिग बेटी घर के पास स्थित दुकान पर सामान लेने गई थी। कुछ देर बाद जब वह घर लौटी तो घबराई हुई थी और रोने लगी।
बच्ची ने परिजनों को बताया कि दुकान पर मौजूद व्यक्ति ने उसे पैसे दिखाकर अपने पास बुलाया, उसका हाथ पकड़ने की कोशिश की और अनुचित व्यवहार किया। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति के वहां पहुंचने पर आरोपी ने उसे जाने के लिए कह दिया।
पहचान के बाद हुई कार्रवाई
परिजनों ने बच्ची द्वारा बताए गए व्यक्ति की तलाश शुरू की और बाद में उसकी पहचान कर पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय ने माना दोषी
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री अजय शंकर प्रजापति एवं श्रीमती ज्योति कुजूर ने पैरवी की।




