क्राइम

दहेज हत्या मामले में पति समेत 3 दोषियों को 10-10 साल की सजा

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सीधी। जिले में दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायालय सीधी ने महिला की मौत के मामले में पति, देवर और देवरानी को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।

मामला थाना कमर्जी क्षेत्र के हटवा बरहा टोला गांव का है। जानकारी के अनुसार 25 अगस्त 2020 को सद्दाम हुसैन ने थाना कमर्जी में सूचना दी थी कि उसके भाई सबर हुसैन की पत्नी हसीना बानो ने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान सामने आया कि मृतिका हसीना बानो की शादी 7 मई 2014 को मुस्लिम रीति-रिवाज से सबर हुसैन के साथ हुई थी। शुरुआती कुछ वर्षों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप था कि वाहन खरीदने के लिए 3 लाख रुपये, सोने की चैन और अंगूठी की मांग की गई थी। पीड़िता के मायके पक्ष ने किसी तरह पैसे की व्यवस्था कर दी, जिससे पिकअप वाहन खरीदा गया, लेकिन इसके बाद भी प्रताड़ना बंद नहीं हुई।

अभियोजन के अनुसार मृतिका को लगातार मारपीट और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने 24 और 25 अगस्त 2020 की दरम्यानी रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मामले में थाना कमर्जी पुलिस ने पति सबर हुसैन, देवर सद्दाम हुसैन और देवरानी साहिबा बानो के खिलाफ धारा 498ए, 304बी, 34 भादवि एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक श्री सुखेंद्र द्विवेदी ने मजबूत पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

इस फैसले को दहेज प्रताड़ना के मामलों में कड़ा संदेश माना जा रहा है।


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