क्राइम

शाम ढलते ही सोन नदी में शुरू होता अवैध खनन, तितिली-खड़बड़ा घाटों पर रातभर दौड़ते ट्रैक्टर

ar 728 ad
AR News Live

सीधी/सिहावल। सीधी जिले के सिहावल क्षेत्र में बहने वाली सोन नदी इन दिनों अवैध रेत कारोबारियों के निशाने पर है। आरोप है कि शाम ढलते ही तितिली, खड़बड़ा और सेहुंड़ा घाटों पर रेत माफियाओं की गतिविधियां तेज हो जाती हैं और पूरी रात अवैध खनन का खेल चलता रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक रातभर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और मशीनों के जरिए नदी से रेत निकाली जाती है, जबकि सुबह करीब 8 बजे तक यह सिलसिला जारी रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन अब आम दृश्य बन चुका है। रात के अंधेरे में घाटों से लगातार ट्रैक्टरों की आवाजाही होती है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। लोगों ने पुलिस प्रशासन, खनिज विभाग और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।

रातभर चलता है रेत निकासी का खेल

स्थानीय लोगों के अनुसार सोन नदी के कई घाटों पर देर शाम से ही अवैध खनन शुरू हो जाता है। रेत से भरे ट्रैक्टर और अन्य वाहन लगातार घाटों से निकलते देखे जा सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़े स्तर पर चल रहे इस कारोबार की जानकारी जिम्मेदार विभागों को नहीं होना संभव नहीं लगता।

प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल

क्षेत्र में चर्चा है कि बिना संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध रेत निकासी संभव नहीं हो सकती। लोगों का कहना है कि पहले छोटी गतिविधियों की भी जानकारी प्रशासन तक पहुंच जाती थी, लेकिन अब खुलेआम चल रहे अवैध खनन पर कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

पर्यावरण पर पड़ रहा असर

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सोन नदी से लगातार हो रहा अवैध उत्खनन नदी के प्राकृतिक स्वरूप और जलस्तर के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। लगातार रेत निकासी से नदी की धारा प्रभावित होने के साथ-साथ आसपास के पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सोन नदी में हो रहे अवैध रेत खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।


AR News Live
ar 728 ad
ar 728 ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ar 728 ad
Back to top button