कुसमी पुजारी हत्याकांड के बाद प्रशासन सख्त, शांति समिति की बैठक

सीधी। कुसमी पुजारी हत्याकांड के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शांति समिति की बैठक आयोजित की। घटना के बाद उत्पन्न तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।
शांति समिति की बैठक में शांति बनाए रखने की अपील
एसडीएम विकास कुमार आनंद ने एसडीएम कार्यालय कुसमी में दोपहर लगभग 12 बजे महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इसमें प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि क्षेत्र की शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की।
सुबह की घटना, आरोपी गिरफ्तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुजारी पर सुबह उस समय हमला किया गया जब वे अपने नियमित कार्य में व्यस्त थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध की तलाश शुरू की और दबिश के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पूछताछ जारी है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
गश्त बढ़ाने और निगरानी के निर्देश
प्रशासन ने नगर और आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
बैठक में रहे प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी
बैठक में हीराबाई सिंह (जिला पंचायत सदस्य), बद्री प्रसाद गुप्ता (व्यापारी एकता संघ अध्यक्ष), विमल कुमार जायसवाल (कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष), संतोष गर्ग (विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष), अनिल सिंह और लालबहादुर सेन सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
प्रशासनिक स्तर पर नारायण सिंह (तहसीलदार), अरुणा द्विवेदी (थाना प्रभारी कुसमी) तथा डी.के. रावत (चौकी प्रभारी पोड़ी) भी उपस्थित रहे।




