नशा मुक्ति अभियान से जागरूकता की अलख, अमिलिया पुलिस की पहल से छात्रावास में दिखा सकारात्मक बदलाव

सीधी, चमरौहा: नशा मुक्ति अभियान के तहत थाना अमिलिया पुलिस द्वारा 27 जुलाई 2025 को ग्राम चमरौहा के बालिका छात्रावास में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह जन-जागरूकता अभियान पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के अंतर्गत हुआ, जिसमें छात्राएं, स्टाफ और आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
नशा मुक्ति अभियान से जागरूकता की नई लहर
नशा मुक्ति अभियान का उद्देश्य केवल नशा छोड़ने की अपील नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक सोच का संचार करना है। चमरौहा छात्रावास में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को नशा उन्मूलन की शपथ दिलाई गई और पोस्टर वितरित किए गए। कविता और स्लोगनों के माध्यम से पुलिसकर्मियों ने बच्चों को प्रेरित किया।
नशा मुक्ति अभियान में सामुदायिक सहभागिता का योगदान
कार्यक्रम में पार्वती कोल (अधीक्षिका), नीलम तिवारी (सहायक अधीक्षिका), उप निरीक्षक इंद्राज सिंह, आरक्षक वंशलाल सिंह एवं शुभेन्द्र पांडे जैसे पुलिस स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही। नशा मुक्ति अभियान में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए संवाद, प्रेरणा और शपथ जैसे साधनों का उपयोग किया गया।
नशा मुक्ति अभियान को प्रभावशाली बनाने में शिक्षा की भूमिका
शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे युवा वर्ग को सही दिशा दी जा सकती है। इसी सोच के साथ नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत विद्यालयीन छात्राओं को विशेष रूप से संबोधित किया गया। उन्हें यह समझाया गया कि नशा केवल शरीर नहीं, सोच और भविष्य को भी कमजोर करता है।
नशा मुक्ति अभियान से जुड़े थे 150 से अधिक सहभागी
करीबन 150 लोगों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज नशे के खिलाफ एकजुट हो रहा है। नशा मुक्ति अभियान में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करेंगे।
नशा मुक्ति पर 10 लाइन का निबंध:
- नशा मुक्ति एक सामाजिक और नैतिक दायित्व है।
- यह व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक सेहत को सुरक्षित करता है।
- नशा परिवार और समाज दोनों को नुकसान पहुंचाता है।
- नशा मुक्ति अभियान युवाओं के लिए मार्गदर्शन का कार्य करता है।
- जनसंवाद और शिक्षा से बदलाव लाया जा सकता है।
- नशे की आदत अपराध और दुर्घटनाओं की वजह बनती है।
- सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति से नशा छोड़ा जा सकता है।
- पुलिस और संस्थाएं मिलकर जागरूकता बढ़ा सकती हैं।
- सरकार को भी सख्त कानून लागू करना चाहिए।
- सभी मिलकर नशा मुक्त भारत का सपना साकार कर सकते हैं।




