सीधी में दुष्कर्म आरोपी को शेष जीवनकाल तक जेल, मारपीट के आरोपी को सजा – न्याय की बड़ी कार्रवाई

सीधी। दुष्कर्म आरोपी सजा को लेकर न्याय की बड़ी कार्रवाई हुई है, जहां दुष्कर्म के आरोपी को शेष प्राकृत जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, वहीं एक अन्य मामले में मारपीट के आरोपी को 6 माह की जेल हुई।
सीधी दुष्कर्म आरोपी सजा: अदालत ने सुनाई शेष जीवनकाल तक जेल की सजा
दिनांक 20.05.2018 को अवयस्क पीड़िता की मां ने पुलिस सहायता केंद्र सीधी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी तेंदू पत्ता बीनने गई थी, जहां आरोपी विजय बैगा ने जंगल में उसके साथ मारपीट कर पैंट उतारकर गलत काम किया। मामले में थाना मझौली पुलिस ने जांच कर चार्जशीट पेश की।
विशेष सत्र न्यायालय सीधी ने सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री प्रशांत कुमार पांडे की सशक्त पैरवी के बाद आरोपी विजय बैगा को धारा 377, 323 भादवि एवं पॉक्सो एक्ट 5(एम)/6 में दोषसिद्ध कर शेष जीवनकाल तक जेल की सजा और ₹50,000 अर्थदंड सुनाया। साथ ही पीड़िता को अपील अवधि पश्चात ₹50,000 और पॉक्सो अधिनियम के तहत ₹1 लाख प्रतिकर देने का आदेश दिया गया।
सीधी दुष्कर्म आरोपी सजा: मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्य से हुआ साबित
मेडिकल परीक्षण और पुलिस जांच में प्राप्त साक्ष्यों से आरोपी के अपराध को अदालत में साबित किया गया। अभियोजन की मजबूत पैरवी से आरोपी को संदेह से परे दोषी सिद्ध किया गया। इस प्रकार न्यायालय ने पीड़िता और परिवार को न्याय दिलाया।
सीधी दुष्कर्म आरोपी सजा: मारपीट के आरोपी को भी 6 माह की जेल
एक अन्य प्रकरण में दिनांक 03.09.2019 को फरियादी इरफान खान ने रिपोर्ट दी कि आरोपी दिवाकर उर्फ कुस्सू जायसवाल ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे, न देने पर डंडे से हमला कर घायल किया। थाना कोतवाली पुलिस ने प्रकरण में जांच कर अदालत में पेश किया।
जेएमएफसी न्यायालय सीधी ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी को धारा 327 भादवि में 6 माह की साधारण कारावास और ₹500 जुर्माने की सजा सुनाई।
सीधी दुष्कर्म आरोपी सजा: जिला अभियोजन की सशक्त पैरवी से मिला न्याय
दोनों मामलों में जिला अभियोजन कार्यालय, सीधी की सशक्त पैरवी ने पीड़ितों को न्याय दिलाया। अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और कानूनी प्रावधानों का पालन कर न्यायालय में अपराध साबित किया, जिससे न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत हुआ।




