ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन को लेकर बवाल — ग्रामीणों का जल सत्याग्रह, सरपंच पति पर संरक्षण का आरोप

ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन: सरपंच पति पर संरक्षण का आरोप, ग्रामीणों का प्रदर्शन
सीधी, ग्राम डोल। बहरी तहसील की ग्राम पंचायत डोल में शुक्रवार को ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने गोपद नदी में उतरकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सरपंच विमला सिंह के पति उदय राज सिंह चौहान पर सात-आठ वर्षों से अवैध रेत कारोबार को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मुद्दे की शिकायत 18 जून को जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को जनसुनवाई में दी गई थी, और 17 जून को खनिज विभाग ने कार्रवाई कर एक जेसीबी मशीन जब्त की थी।
ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन पर ग्रामीणों ने चेताया – आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शनकारियों में शामिल राजकुमार सिंह, मकसूदन सिंह और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की कि वर्षों से हो रहे ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन की जांच हो, दोषियों से आर्थिक वसूली की जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन पर खनिज विभाग की सफाई
खनिज अधिकारी शिशिर यादव ने मीडिया को बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व एक जेसीबी मशीन जब्त की गई थी। उसके बाद से ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन या परिवहन की कोई सूचना नहीं मिली है। यदि दोबारा शिकायत मिलती है, तो कड़ी जांच और कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए सख्त कदम की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की कि ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए ठोस और दीर्घकालिक रणनीति बनाई जाए। वे चाहते हैं कि खनिज विभाग, पुलिस और पंचायत के बीच समन्वय हो और दोषियों को राजनैतिक संरक्षण से बाहर निकाला जाए।
ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन की अगली रणनीति क्या होगी?
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या अगला कदम उठाता है। ग्राम डोल अवैध रेत उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है, और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और भी तनावपूर्ण हो सकती है।




