POCSO सजा: शाजापुर में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की कठोर कैद, न्याय की जीत

शाजापुर: एक महत्वपूर्ण POCSO सजा के तहत, शाजापुर की विशेष न्यायालय ने ग्राम हरनाथपुरा निवासी आरोपी धीरेन्द्र को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष की कठोर कैद और विभिन्न धाराओं के अंतर्गत जुर्माने सहित दंडित किया।
यह मामला 28 जून 2023 को दर्ज किया गया था, जब पीड़िता के पिता ने थाना मोहन बड़ोदिया में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के बाद, लड़की को आरोपी के कब्जे से जैसलमेर, राजस्थान से बरामद किया गया।
POCSO सजा में पीड़िता के बयान और साक्ष्यों की भूमिका अहम
जांच के दौरान पीड़िता ने बताया कि आरोपी धीरेन्द्र राजपूत ने उसे शादी का झांसा देकर साथ ले गया। उसने लड़की को मंगलसूत्र पहनाकर पत्नी के रूप में रखा और उसके साथ पति-पत्नी जैसे संबंध बनाए।
पीड़िता के कथनों और अन्य सबूतों के आधार पर, जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री रमेश सोलंकी के नेतृत्व में अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी की जिससे आरोपी को सजा दिलाई जा सकी।
POCSO सजा में कानूनी कार्यवाही का असरदार निष्कर्ष
पूरी जांच के बाद सक्षम न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों से संतुष्ट होकर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने आरोपी को POCSO अधिनियम की धारा 5(एल)/6 के अंतर्गत 20 वर्ष का कठोर कारावास, भादवि की धारा 363 और 366 के तहत 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 12,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया।
POCSO सजा ने बाल अपराधों के खिलाफ दिया सख्त संदेश
यह ऐतिहासिक POCSO सजा बाल अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश देती है और न्यायपालिका की सजगता को दर्शाती है। इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा और सम्मान की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।




