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अवयस्क अभियोक्त्री से बलात्कार के मामले में आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

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अवयस्क अभियोक्त्री से बलात्कार के मामले में आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

बताया गया कि दिनांक 06.06.2023 को 16 वर्षीय अवयस्क अभियोक्त्री के माता-पिता रिश्तेदारी में गये थे। रात्रि करीबन 01:00 बजे आरोपी ने अभियोक्त्री को फोन करके पंचायत भवन के पास बुलाया, तब अभियोक्त्री उससे मिलने गई तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। इससे पहले भी तीन-चार बार शादी का झांसा देकर उसे पंचायत भवन के ही पास बुलाकर उसके साथ बलात्कार किया था। आरोपी रिश्ते में उसका भाई लगता है। जब भी आरोपी उसे बुलाता था तो अभियोक्त्री बलात्कार करने से मना करती थी तो आरोपी उसे बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देता था। दिनांक 07.06.2023 को जब अभियोक्त्री के मम्मी पापा वापस घर आये तो अभियोक्त्री ने अपने मम्मी पापा को सारी बात बतायी तब उसके मम्मी पापा ने आरोपी को समझाने की कोशिश की तो आरोपी उन्हें भी बदनाम करने की धमकी देने लगा तब दिनांक 10.06.2023 को अभियोक्त्री अपने मम्मी पापा के साथ थाना मझौली रिपोर्ट करने आयी। अभियोक्त्री की उक्त रिपोर्ट पर थाना मझौली में अपराध कमांक 0648/2023 अंतर्गत धारा 376 (2) (n), 376 (2) (च), 506 भा.द.सं. एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5एल, 5एन, 6 पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया एवं विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 24/2023 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा द्वारा आरोपी को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सीधी की न्यायालय के द्वारा आरोपी निवासी अंतर्गत चौकी मडवास थाना मझौली जिला सीधी को पॉक्सो एक्ट की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) के आरोप में बीस वर्ष का कठोर कारावास एवं 20,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड की धनराशि रूपये 20,000/-रूपये (बीस हजार रूपये मात्र) अभियोक्त्री को धारा 357(1)(बी) दं.प्र.सं. के प्रावधानों के अनुसार अपील अवधि पश्चात अपील न होने की स्थिति में अभियोक्त्री को क्षतिपूर्ति स्वरूप दिलाये जाने का आदेश पारित किया गया, इसके अतिरिक्त अभियोक्त्री को 30,000/- (तीस हजार रूपये) प्रतिकर के रूप में अदा किये जाने के परिप्रेक्ष्य में माननीय सचिव जिला विधिक प्राधिकरण, जिला सीधी म.प्र. को पत्र सहित निर्णय की प्रति प्रेषित की गई।

 


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