बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग पर विकास की रफ्तार ठहरी क्यों? श्रद्धालुओं की आस्था बनाम प्रशासन की अनदेखी!

खड़ी है।
बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग पर बारिश में कीचड़ का कहर
श्रावण मास में जब हजारों श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन के लिए बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग पर पहुंचते हैं, NH-39 से उतरते ही उन्हें घुटनों तक कीचड़ में चलना पड़ता है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और जगह-जगह पानी भरे दलदल श्रद्धा की परीक्षा लेते दिखते हैं। यह मार्ग न सिर्फ मंदिर जाने का रास्ता है बल्कि आसपास के ग्रामीणों की भी जीवनरेखा है, लेकिन अब यह “विकास की प्रतीक्षा” में खड़ा है।
बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग पर प्रशासन की खामोशी क्यों?
बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग की जिम्मेदारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और PWD के पास है, लेकिन विभागीय चुप्पी ने सड़क को बदहाल बना रखा है। वर्षों से चौड़ीकरण और मरम्मत की मांग उठाई जा रही है, लेकिन फाइलों में दबकर सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। खासकर श्रावण सोमवार, महाशिवरात्रि और बसंत पंचमी जैसे अवसरों पर यह मार्ग श्रद्धालुओं के लिए चुनौती साबित हो रहा है।
बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग पर विकास कब पहुंचेगा?
प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार बढ़ौरानाथ शिव मंदिर में दर्शन किए जाते हैं, लेकिन बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग की ओर नजर डालने का वक्त शायद अभी नहीं आया। चारपहिया वाहनों से आने-जाने में कीचड़ की तकलीफ महसूस नहीं होती, लेकिन यदि एक बार पैदल चलकर दर्शन किए जाएं, तो शायद सड़क की समस्या का समाधान जल्द निकल आए। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि इच्छाशक्ति दिखाई जाए, तो यह सड़क कुछ ही दिनों में सुधर सकती है।
बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की उम्मीदें और सवाल
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और बढ़ौरानाथ शिव मंदिर मार्ग की जर्जर हालत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए चेतावनी है। वर्षों से पीडब्ल्यूडी और पंचायत की अनदेखी के चलते यह सड़क विकास की सूची में शामिल नहीं हो पाई। अब समय है कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए इस मार्ग का विकास किया जाए ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को कीचड़ और गड्ढों का सामना न करना पड़े।




