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IAS संतोष वर्मा को हटाने के लिए एमपी सरकार का केंद्र को लेटर, ब्राह्मणों पर दिया था विवादित बयान

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IAS संतोष वर्मा को हटाने के लिए एमपी सरकार का केंद्र को लेटर, ब्राह्मणों पर दिया था विवादित बयान

 

मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से आईएएस संतोष वर्मा अपने बयानों के कारण चर्चा में बने हुए थे. उन्होंने कई मंचों से ब्राह्मण समाज के खिलाफ विवादित बयान दिया था. अब इसी मामले में राज्य सरकार ने संतोष वर्मा को कृषि विभाग से हटाकर मंत्रालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ कर दिया है. इस कार्रवाई से पहले कई सवर्ण संगठनों ने सीएम हाउस घेराव का ऐलान किया था. इसके बाद ही सीएम राज्य सरकार की तरफ से ये एक्शन लिया गया है. सरकार ने उनको बर्खास्त करने का भी प्रपोजल भेजा है.

 

विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश में साफ लिखा गया है कि संतोष वर्मा अब अपने वर्तमान दायित्वों से मुक्त किए जाते हैं. हालांकि देश में हटाने का कारण साफ नहीं लिखा गया है. लेकिन, इस एक्शन के पीछे की वजह उनके बयानों को ही माना जा रहा है.

बर्खास्त करने का भेजा प्रपोजल

राज्य सरकार ने अपने बयान में कहा कि वर्मा ने राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रमोशन ऑर्डर में जालसाजी की थी, उनके खिलाफ अलग-अलग कोर्ट में क्रिमिनल क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं. यही वजह है कि मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र को एक प्रपोजल भेजा है जिसमें IAS ऑफिसर संतोष वर्मा को नौकरी से निकालने की सिफारिश की गई है.

 

वर्मा फिलहाल शेड्यूल्ड कास्ट्स एंड ट्राइब्स ऑफिसर्स एंड एंप्लाइज एसोसिएशन (AJJAKS) के स्टेट प्रेसिडेंट हैं. सरकार ने एक और कारण बताया है. इसमें कहा गया है कि वर्मा ने फर्जी कागजों के आधार पर प्रमोशन लिया है.

 

65 संगठनों ने किया था प्रदर्शन का ऐलान

संतोष वर्मा के बयानों के बाद से ही मध्यप्रदेश में कई जगहों पर विरोध देखने को मिला था. हालांकि गुरुवार को 65 से ज्यादा संगठनों ने 14 दिसंबर को सीएम हाउस घेराव का ऐलान किया था. इस ऐलान के बाद ही प्रदेश सरकार ने देर रात वर्मा पर एक्शन लिया है. संगठनों की तरफ से यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे राज्य में बंद की तैयारी की जाएगी.

 

संतोष वर्मा का वो बयान जो जिसका हुआ जमकर विरोध

संतोष वर्मा ने भोपाल के अंबेडकर मैदान में 23 नवंबर अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) का प्रांतीय सम्मेलन था. इसी दौरान वर्मा को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया था. मंच को संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा था कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से ही जमकर विरोध देखने को मिल रहा है.


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