गुमशुदा नाबालिक बालिका 48 घंटे में सकुशल बरामद – रामपुर नैकिन पुलिस की तेज़ कार्रवाई ने लौटाया मां-बाप का सुकून

सीधी। गुमशुदा नाबालिक बालिका की तलाश में रामपुर नैकिन पुलिस ने जो तत्परता और सूझबूझ दिखाई, वह वाकई सराहनीय है। एक परेशान पिता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के बाद पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू की और 48 घंटे के भीतर बालिका को महाराष्ट्र के नाशिक से ढूंढ निकाला। यह सफलता केवल एक पुलिस ऑपरेशन नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए राहत और विश्वास की वापसी है।
रामपुर नैकिन थाना प्रभारी निरीक्षक सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम ने नाबालिक के गायब होने की सूचना मिलते ही सक्रियता दिखाई। मामले की गंभीरता को समझते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में त्वरित जांच शुरू हुई और जल्द ही टीम ने नाशिक की लोकेशन ट्रेस की।
गुमशुदा नाबालिक बालिका की तलाश में बना विशेष पुलिस दल
रामपुर नैकिन पुलिस ने नाबालिक बालिका की दस्तयाबी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। थाना प्रभारी निरीक्षक सुधांशु तिवारी के निर्देशन में यह टीम तैयार की गई, जिसमें सउनि रजनीश सिंह, संजय सोनी, संतोष वैश्य, ओपी गौतम, प्रधान आरक्षक महेन्द्र विश्वकर्मा और महिला आरक्षक अंजली सिंह शामिल थे। सभी ने टीम भावना के साथ रात-दिन एक कर के बच्ची की लोकेशन ट्रेस की।
गुमशुदा नाबालिक बालिका मिली नाशिक में – पुलिस ने बरामद कर लौटाया परिजनों को
नाशिक, महाराष्ट्र से मिली जानकारी के आधार पर टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सकुशल दस्तयाब किया। वैधानिक कार्रवाई के पश्चात उसे रामपुर नैकिन थाना लाया गया और परिवार को सुपुर्द कर दिया गया। इस कार्यवाही ने परिवार को बड़ी राहत दी और पुलिस के प्रति भरोसे को और मजबूत किया।
गुमशुदा नाबालिक बालिका की बरामदगी में पुलिस अधीक्षक का दिशा-निर्देशन रहा अहम
इस सफलता के पीछे जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा की रणनीति और दिशा-निर्देशन का बड़ा योगदान रहा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव और एसडीओपी चुरहट आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में ऑपरेशन को अंजाम दिया गया, जिससे यह केस जल्द सुलझ सका।
गुमशुदा नाबालिक बालिका की बरामदगी से खुश हुए परिजन, पुलिस टीम को दिया धन्यवाद
परिजनों ने बच्ची की सकुशल वापसी पर रामपुर नैकिन पुलिस का धन्यवाद किया। बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित कर उसे सुरक्षित लौटाना एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर और मजबूत हुई है।




