भारत-पाकिस्तान सीजफायर: भारत ने सिखाया सबक, शांति की पहल में दिखी ताकत और रणनीति

भारत-पाकिस्तान सीजफायर बना रणनीतिक जीत का संकेत
भारत-पाकिस्तान सीजफायर की घोषणा शनिवार (10 मई, 2025) को हुई, जो एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है। यह घोषणा उस समय आई जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत कड़ी सैन्य कार्रवाई की। भारत की इस निर्णायक प्रतिक्रिया से पाकिस्तान में खलबली मच गई, जिसके बाद सीजफायर की पेशकश खुद पाकिस्तान ने की।
भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर शशि थरूर का बयान आया सामने
भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे खुशी है कि शांति स्थापित हो रही है। भारत हमेशा से शांति का समर्थक रहा है, लेकिन आतंकियों को सबक सिखाना जरूरी था और वह काम पूरा हो चुका है।” उनका यह बयान दर्शाता है कि भारत अब भी शांति में विश्वास रखता है लेकिन अपनी रक्षा नीति में कोई नरमी नहीं दिखाता।
भारत-पाकिस्तान सीजफायर के पीछे ट्रंप की मध्यस्थता का दावा
भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया कि इस समझौते में उनकी मध्यस्थता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद यह ऐतिहासिक समझौता संभव हो पाया।” हालांकि भारत सरकार की तरफ से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर पाकिस्तान का आधिकारिक बयान
भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि दोनों देशों ने तत्काल प्रभाव से युद्धविराम पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्रीय शांति के लिए प्रयास किए हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं होगा।” यह बयान पाकिस्तान की राजनीतिक मजबूरियों और भारत की सैन्य प्रतिक्रिया के बीच संतुलन साधने की कोशिश की तरह देखा जा रहा है।

