राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
मान्या पाण्डेय ने देश भर में दिलाई बघेली गीतों को पहचान

पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम के लोक कलाकारों ने की मनमोहक प्रस्तुति
राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव परसिली का सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के द्वारा भव्य शुभारंभ किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुमन कोल, पुष्पेन्द्र सिंह आजीविका मिशन, श्रीनिवास द्विवेदी सीईओ मझौली, राजेन्द्र द्विवेदी प्रबंधन परसिली रिसोर्ट, दयाशंकर सिंह तहसीलदार उपस्थित रहे। महोत्सव का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल, जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के सहयोग से उत्थान सामाजिक सांस्कृतिक एवं साहित्यिक समिति के द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव परसिली के प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय के बघेली लोकगीत, संस्कार गीत एवं सामाजिक गीतों को सुनकर श्रोता ओतप्रोत हो गये। देश की प्रसिद्ध लोक गायिका स्व. शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि देते हुए मान्या पाण्डेय ने भोजपुरी लोकगीत भी प्रस्तुत की तो वहीं असम की लोक गायिका खेमचंद्र कोमा छत्तीसगढ़, शिवांजन भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल, कपिल तिवारी, अपर्णा मिश्रा, दिव्या द्विवेदी, मानसी तिवारी के द्वारा मनमोहन प्रस्तुती दी गई। इस दौरान सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि हमारी बेटी राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय हमारे बघेली लोकगीतों का देश भर में विस्तार कर रही है और जिले का नाम रोशन कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की लोक संस्कृति एवं लोक संगीत आत्मा की आवाज होती है। हमारे लोकगीत चाहे जिस प्रदेश के हो, दिल को छू लेते हैं। लोक गीत के बोल भले ही समझ ना आये किन्तु उनके भाव आत्मा तक जरूर पहुंचते हैं। आज जो पश्चिमी संस्कृति का उदय हो रहा है। उससे पांव जरूर थिरकते पर मन स्थिर रहता है किन्तु लोक संगीत सुन कर हर व्यक्ति का तन और मन दोनों गदगद हो जाते हैं। इस अवसर पर सांसद एवं अध्यक्ष जिला पंचायत ने लोक कलाकारों एवं समाज सेवियों को सम्मानित किये और इस दौरान राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव परसिली 2024 की स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इस दौरान मामता शुक्ला सरपंच नौढिय़ा, बजरंगी गुप्ता सरपंच करवाही, रामकली कोल सरपंच कपुरी कोठार, चंद्रकली सरपंच सुखाड़, प्रियंका पनिका सरपंच ताला, चन्द्रकान्त सिंह, शैलेन्द्र द्विवेदी, सुधीन्द्र शुक्ला, आदित्य सिंह, मनोज पाण्डेय, शिवपूजन मिश्रा, शरद गौतम आदि भारी संख्या में श्रोता उपस्थित रहें।




