नशे से दूरी है जरूरी: अमिलिया में नशा समाज की दीमक, जागरूकता अभियान बना उम्मीद की किरण

अमिलिया। नशे से दूरी है जरूरी अभियान के तहत थाना अमिलिया के बस स्टैंड में 19 जुलाई 2025 को जागरूकता नुक्कड़ सभा आयोजित की गई, जिसमें नशा समाज की दीमक और युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बताया गया। सभा में बस चालकों, ऑटो चालकों, सरपंच एवं नागरिकों ने भाग लिया। स्लोगनों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को सरल भाषा में बताया गया, पोस्टर व पर्चे बांटे गए और बस व ऑटो में चस्पा किए गए।
नशे से दूरी है जरूरी अभियान में बताए गए स्लोगन
सभा में ‘नशे से दूरी है जरूरी’ के तहत निम्न स्लोगन बताए गए:
1️⃣ “बीड़ी पीकर ख़ास रहा है मौत को बुला रहा है”
2️⃣ “गुटखा खाकर पान चबाकर बढ़ाना चाहता है मान, कैंसर होगा, बढ़ेगी बीमारी, चली जाएगी जान”
3️⃣ “तंबाकू का नशा, अनमोल जीवन का दुर्दशा”
4️⃣ “धूम्रपान को बढ़ाना, अपने मौत को बुलाना”
5️⃣ “जो नशे को अपनाएगा, वह घर लौट कर ना आएगा”
6️⃣ “तंबाकू शराब, जिंदगी खराब”
7️⃣ “देश को बचाना है, नशे को बंद करना है”
8️⃣ “नशा मुक्ति अभियान, जन-जन का पहचान”।
नशे से दूरी है जरूरी क्योंकि नशा समाज की दीमक बन चुका है
सभा में थाना अमिलिया के उपनिरीक्षक इंद्राज सिंह ने बताया कि नशा समाज के लिए दीमक है, यह आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाता है। नशा युवाओं का कैरियर और व्यक्तित्व खत्म कर रहा है, इसलिए नशे से दूरी है जरूरी। उपस्थित नागरिकों, महिला आरक्षक स्वाति कुशवाहा, आरक्षक शुभेंदु पांडे, संदीप चौबे और चालक नीरज पटेल ने भी जागरूकता में सक्रिय भूमिका निभाई।
नशे से दूरी है जरूरी, शपथ और जनजागरूकता में सहयोग
सभा में उपस्थित सभी नागरिकों, चालक-परिचालकों ने नशे से दूरी है जरूरी शपथ ली कि वे स्वयं और अपने परिवार को नशे से दूर रखेंगे। पोस्टर, पर्चों और स्लोगन के माध्यम से संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया ताकि समाज इस दीमक से मुक्त हो सके।
नशे से दूरी है जरूरी, इसे रोकना हम सबकी जिम्मेदारी
सभा में बताया गया कि नशे से दूरी है जरूरी क्योंकि यह समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। नशे को रोकना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है ताकि समाज स्वस्थ, सशक्त और सुरक्षित रह सके। नशा मुक्ति अभियान के तहत सभी को जागरूक कर नशे को जड़ से खत्म करने का संदेश दिया गया।




