सीधी पुल हादसा: मासूमों की कब्र बना गड्ढा, उठी कड़ी कार्रवाई की मांग”

सीधी। सीधी पुल हादसा शनिवार को दर्दनाक त्रासदी में बदल गया, जब कुचवाही गांव में निर्माणाधीन रेलवे पुल के पास बने गहरे गड्ढे में डूबकर दो मासूम भाइयों की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया है।
सीधी पुल हादसा: कैसे हुई त्रासदी
अखिलेश गुप्ता के 12 और 9 साल के दो बेटे सुबह खेलने निकले थे, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटे। खोजबीन में पता चला कि सीधी पुल हादसा स्थल पर बने गहरे गड्ढे में बच्चों के कपड़े और चप्पलें मिलीं, जहां कोई सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड या निगरानी कर्मी मौजूद नहीं था। बच्चों के शव उसी गड्ढे से बरामद हुए।

सीधी पुल हादसा पर उठी न्याय की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीधी पुल हादसा निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की लापरवाही का नतीजा है। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा, एक परिजन को नौकरी और ठेकेदार पर FIR की मांग की।
सीधी पुल हादसा: जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक रीति पाठक और जनपद अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार ने चीरघर पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। विधायक ने कहा, “सीधी पुल हादसा अत्यंत हृदयविदारक है। पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।”

सीधी पुल हादसा से सबक और जिम्मेदारी
आज हर नागरिक के मन में सवाल है कि सीधी पुल हादसा जैसी घटनाओं पर जिम्मेदारी कब तय होगी। सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड और निगरानी की अनदेखी ने दो मासूमों की जान ले ली। मुआवजा और नौकरी बच्चों को वापस नहीं ला सकते, लेकिन न्याय और जवाबदेही की मांग हर व्यक्ति कर रहा है ताकि आगे कोई परिवार इस दर्द से न गुजरे।




