सीधी जिला अस्पताल में बड़ा हादसा टला, लेकिन घटिया निर्माण ने खोली प्रशासन की पोल

सीधी जिला अस्पताल में गुरुवार को अफरातफरी मच गई जब हाल ही में बना मुख्य द्वार अचानक भरभराकर गिर गया। यह गेट अस्पताल के जीर्णोद्धार कार्य के अंतर्गत बनाया गया था। गनीमत रही कि उस वक्त पास में खड़े सुरक्षाकर्मी और मरीजों के परिजन सतर्कता दिखाते हुए समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, दो मोटरसाइकिलें मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं।
सीधी जिला अस्पताल में निर्माण की लापरवाही से बड़ा खतरा टला
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के नीचे वाहन खड़े थे और आम आवाजाही हो रही थी। तभी अचानक छज्जा गिर पड़ा। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।
सीधी जिला अस्पताल का गिरा गेट बना जवाबदेही का प्रतीक
स्थानीय लोगों ने बताया कि गेट में निर्माण के कुछ ही समय बाद दरारें दिखने लगी थीं। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस लापरवाही से लोगों की जान जोखिम में आ गई।
सीधी जिला अस्पताल की घटना पर सांसद का तीखा बयान
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घटिया निर्माण सामग्री पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि यह छज्जा अलग से बनवाया गया था और इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री ने हादसे की नींव रखी। दोषियों पर कार्रवाई की बात भी कही गई है।
सीधी जिला अस्पताल पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज
यह हादसा न सिर्फ अस्पताल प्रशासन, बल्कि निर्माण एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है। सांसद ने प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। राहत की बात यह है कि जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई, लेकिन भविष्य में इस तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।




