सीधी में लोकतंत्र पर हमला: व्यापारी संघ-प्रशासन गठजोड़ के खिलाफ शिवसेना नेता की लड़ाई

सीधी। सीधी में लोकतंत्र पर हमला कर प्रशासन ने व्यापारी संघ के दबाव में छोटे व्यापारियों की आवाज़ उठाने वाले शिवसेना उपाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज कर दिया, जिससे लोकतंत्र और न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। व्यापारी संघ ने बिना सरकारी आदेश के बाजार बंद कराने की कोशिश की, जिसका विरोध करने पर यह कार्रवाई हुई।
सीधी में लोकतंत्र पर हमला, व्यापारी संघ की मनमानी के खिलाफ आवाज
सीधी में लोकतंत्र पर हमला उस समय सामने आया जब व्यापारी संघ ने बिना किसी आधिकारिक आदेश के पूरे शहर में बाजार बंद कराने का फरमान जारी कर दिया। दुकानदारों को धमकियां दी गईं और जुर्माने के नाम पर भय फैलाया गया। शिवसेना नेता विवेक पांडे ने इसे “तानाशाही जजिया कानून” करार देते हुए छोटे दुकानदारों के हक में आवाज़ उठाई और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
सीधी में लोकतंत्र पर हमला, शिकायत करने पर उल्टा मुकदमा दर्ज
सीधी में लोकतंत्र पर हमला इस रूप में दिखा जब विवेक पांडे ने व्यापारी संघ की दबंगई की शिकायत एसपी कार्यालय में दर्ज कराई, लेकिन प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इससे व्यापारी और आम लोग यह सोचने को मजबूर हो गए कि क्या प्रशासन व्यापारी संघ के दबाव में काम कर रहा है।
सीधी में लोकतंत्र पर हमला, सड़क पर उतरे तो व्यापारी संघ ने की झड़प की कोशिश
सीधी में लोकतंत्र पर हमला तब और स्पष्ट हुआ जब विवेक पांडे जब व्यापारियों की आवाज़ बनने सड़क पर उतरे, तो व्यापारी संघ के अध्यक्ष 50 से अधिक समर्थकों के साथ उनके सामने झड़प पर उतारू हो गए। धक्का-मुक्की और अपशब्दों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हुई, लेकिन पांडे ने कदम पीछे नहीं हटाए और छोटे व्यापारियों के हक में लड़ाई जारी रखी।
सीधी में लोकतंत्र पर हमला, बावजूद इसके खुली रही बाजार
सीधी में लोकतंत्र पर हमला और धमकियों के बावजूद रविवार को बाजार खुली रही, जिससे व्यापारी संघ की कोशिश विफल हो गई। व्यापारियों ने विवेक पांडे पर भरोसा जताते हुए बाजार बंद की अपील को सिरे से खारिज कर दिया। इससे स्पष्ट हो गया कि व्यापारी संघ अब अपने मनमाने निर्णय थोपने में विफल हो रहा है।




