अवयस्क बालिका के साथ दुष्कृत्य करने एवं धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाले सौतेले पिता को हुआ 20 वर्ष का सश्रम

अवयस्क बालिका के साथ दुष्कृत्य करने एवं धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाले सौतेले पिता को हुआ 20 वर्ष का सश्रम
कारावास
इंदौर जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव, ने बताया कि दिनांक 01.06.2024 को माननीय न्यायालय तेरहवें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) इंदौर श्रीमती सुरेखा मिश्रा, ने थाना आजादनगर, इन्दौर के सत्र प्रकरण क्रमांक 44/2023, अपराध क्रमांक 835/2022 में निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त सौतेले पिता कखग, उम्र 25 वर्ष, निवासी इंदौर को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 (3) तथा धारा 5 (एल)/6, 5(एन)/6, 5 (जी)/6 पॉक्सो एक्ट में 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास व धारा 506 (भाग दो) भा.दं.सं. में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट व धारा 3/5 धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम में 5-5 वर्ष सश्रम कारावास व कुल 59,000/- रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला इंदौर के निर्देशन में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्रीमती सुशीला राठौर द्वारा की गयी।
नोट :- न्यायालय द्वारा पीडित बालिका को 1,00,000/- रुपये की राशि प्रतिकर के रूप में दिलाये जाने की अनुशंसा की गई।
अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 03.07.2019 को बालिका की दादी ने पीड़ित बालिका अर्थात् उसकी पोती के साथ पुलिस थाना आजाद नगर, इंदौर में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि वह गृह कार्य करती है। उसके बेटे व उसकी बहू वर्ष 2008 में पृथक् हो गये थे और तब से उसकी बहू उसके साथ नहीं रहती है, जो करीब 02 वर्ष से आजाद नगर में मुस्लिम (आरोपी) व्यक्ति के साथ निकाह करके अपनी दोनों बेटियों के साथ रह रही है। दिनांक 08.12.2022 को पीड़ित बालिका अकेले उसके घर आयी और उसे बताया कि उसे मम्मी के पास अच्छा नहीं लग रहा है, आपके साथ रहना है। जब से पीड़ित बालिका उसके साथ रह रही थी, वह उदास रहती थी, किसी से ज्यादा बात नहीं करती थी। उसने दिनांक 17.12.2022 को पीड़ित बालिका से पूछा कि इतनी उदास क्यों रहती है, तो उसने बताया कि दिनांक 06.12.2022 को दिन के करीब 3-4 बजे वह घर में अकेली थी, उसकी मम्मी नानी के यहाँ गयी थी और छोटी बहन बाहर खेल रही थी, तब आरोपी ने बुरी नीयत से उसके साथ गलत काम किया और थोड़ी देर बाद पास में रहने वाला अपचारी बालक भी आ गया, और उसने भी उसके साथ गलत काम किया, जिससे वह बहुत घबरा गई। आरोपी और अपचारी बालक ने बोला कि यह बात किसी को बताई तो उसे जान से खत्म कर देंगे। उसने डर के कारण यह बात किसी को नहीं बताई। दिनांक 17.12.2022 को उसने हिम्मत करके मुझे बतायी और फिर रिपोर्ट दर्ज करवाने आयी। बालिका की दादी की रिपोर्ट पर से पुलिस थाना आजाद नगर, इंदौर में अपराध क्रमांक 835/2022 के अंतर्गत धारा 354, 450, 506, 376(3), 376 (डी), 376(2) (एफ) भा.दं.वि. एवं 5/6, 5(एल)/6, 7/8 पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3/5 धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई व मामला विवेचना में लिया गया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष
प्रस्तुत किया गया, जिस पर से आरोपी को उक्त दंड से दंडित किया गया।
नोट :- एक आरोपी बाल अपचारी होने से उसका प्रकरण बाल न्यायालय में विचाराधीन है




