स्वास्थ्य सेवाओं पर असर! चौथे दिन भी जारी रही संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल, 8 जून से बड़े आंदोलन की चेतावनी

Sidhi News: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने लगा है। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
जिले में करीब 400 कर्मचारी हड़ताल पर
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अनुसार जिले में लगभग 400 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। हड़ताल में विभिन्न कैडर के कर्मचारी शामिल हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग की कई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, महंगाई भत्ता, स्वास्थ्य बीमा और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का लाभ शामिल है। संघ का कहना है कि उनकी कई मांगें वर्ष 2023 की सामान्य प्रशासन विभाग की नीति में शामिल हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया है।
अप्रेजल प्रणाली को लेकर भी नाराजगी
संघ ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों की छुट्टियों में कटौती की गई है और अप्रेजल मूल्यांकन प्रक्रिया को दोबारा शुरू कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को अनुचित बताते हुए समाप्त करने की बात कही थी, इसके बावजूद इसे फिर से लागू कर दिया गया।
8 जून से मुख्यमंत्री निवास घेराव की चेतावनी
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजीव गौतम ने बताया कि जिले सहित पूरे प्रदेश में सभी कैडर के कर्मचारी आंदोलन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 8 जून 2026 से मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
संघ ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव और आमजन को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
खास बातें
- चौथे दिन भी जारी रही संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल
- जिले में करीब 400 कर्मचारी आंदोलन में शामिल
- नियमितीकरण, NPS, स्वास्थ्य बीमा और महंगाई भत्ता प्रमुख मांगें
- स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा असर
- मांगें नहीं मानी गईं तो 8 जून से मुख्यमंत्री निवास घेराव की चेतावनी




