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हत्‍या के चिन्हित मामले में 08 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा* 

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*हत्‍या के चिन्हित मामले में 08 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा*

बताया गया कि दिनांक 01.06.2020 को फरियादी चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी पिता स्‍व. रामावतार द्विवेदी उम्र 70 वर्ष खाना खाकर अपने गांव में जिल्ला में लेटा था तभी उसकी बड़ी बहू प्रेमवती द्विवेदी करीब 11 बजे से 12 बजे दिन आकर बतायी कि लड़का नारेन्द्र प्रसाद द्विवेदी को गांव में रामनाथ साहू के घर के सामने पेड़ के नीचे परिवार के जमीन संबंधी पुरानी रंजिश को लेकर राजकरन द्विवेदी, सीताराम द्विवेदी, राघवेन्द्र द्विवेदी, राजप्रताप द्विवेदी, गंभीर द्विवेदी, भैयालाल उर्फ नीरज द्विवेदी, चम्फालाल द्विवेदी व एक अन्य व्यक्ति लाठी टांगी से मारपीट किये हैं, सूचना पाकर जब वह घटना स्थल पर गया तो देखा कि उसके लड़के नारेन्द्र प्रसाद को सिर में, आंख, माथे, बायें हाथ, टिहुनी, गदोरी, दाहिने हाथ की कलाई, पीठ, दाहिने पैर के घुटना के नीचे, बायें पैर के घुटना में, दाहिने पैर के पंजा में चोट आयी थी। आरोपीगण उसके लड़के को लाठी, टांगा, बल्लम से मारे हैं। आरोपीगण उसके पुत्र नारेन्द्र प्रसाद द्विवेदी को पुरानी जमीन संबंधी रंजिश को लेकर मारपीट की है। फरियादी द्वारा प्राइवेट वाहन से ले जाकर डॉक्टर को दिखाये जाने पर डॉक्टर द्वारा नारेन्द्र प्रसाद द्विवेदी को मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर द्वारा भी मृतक नारेन्द्र प्रसाद द्विवेदी की मृत्यु की सूचना पुलिस सहायता केन्द्र अस्पताल चौकी सीधी में दिये जाने पर मर्ग कायमी की गई तथा प्रथम सूचना रिपोर्ट क. -054/2020 अंतर्गत धारा 302 सहपठित धारा 34 भा.दं.सं. में दर्ज किया गया। मृतक नारेन्द्र प्रसाद द्विवेदी की मृत्यु जांच में उपस्थित होने की सूचना दी जाकर लाश का शव पंचायतनामा तैयार किया गया। शव को मृतक के परिजनों को सुपुर्द किया गया। उक्त मर्ग थाना बहरी को प्राप्त होने पर थाना बहरी द्वारा असल मर्ग क.-40/2020 में पंजीबद्ध किया गया तथा असल अपराध क.-218/2020 अंतर्गत धारा 302/34 भा.दं.सं. में पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण को माननीय पुलिस अधीक्षक सीधी द्वारा जघन्‍य एवं सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में चिन्हित कर शसक्‍त विवेचना के निर्देश जारी किये गये। मामले की संपूर्ण विवेचना पश्‍चात् अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्‍यायालय सीधी में प्रस्तुत किया गया। जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 104/2020 में शासन की ओर से सशक्‍त पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक श्रीमती श्रद्धा सिंह एवं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री प्रशान्‍त कुमार पाण्‍डेय के द्वारा अभियुक्तगण को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, जिसके परिणामस्‍वरूप माननीय न्‍यायालय- प्रथम अपर सत्र न्‍यायाधीश सीधी के न्‍यायालय के तृतीय अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायाधीश सीधी के द्वारा अभियुक्‍तगण (1.) राजकरण उर्फ महात्मा द्विवेदी पिता हिन्छपति द्विवेदी, उम्र 60 वर्ष, (2.) सीताराम द्विवेदी पिता स्व. हिन्छपति, उम्र 40 वर्ष, (3.) राघवेन्द्र द्विवेदी उर्फ ठाकुर पिता स्व. हिन्छपति, उम्र 35 वर्ष, (4.) चम्फालाल द्विवेदी पिता हिन्छपति द्विवेदी, उम्र 52 वर्ष, (5.) राजप्रताप द्विवेदी पिता स्व. हिन्छपति द्विवेदी, उम्र 64 वर्ष, (6.) नीरज द्विवेदी उर्फ भैयालाल पिता राजप्रताप द्विवेदी, उम्र 27 वर्ष, (7.) भान्जा उर्फ गंभीर उर्फ बब्बू द्विवेदी पिता राजप्रताप द्विवेदी, उम्र 23 वर्ष एवं (8.) कौशल प्रसाद उर्फ ददुआ द्विवेदी पिता राजप्रताप द्विवेदी, उम्र-23 वर्ष सभी निवासी ग्राम बारी कोठार, थाना बहरी, जिला-सीधी (म.प्र.) को धारा 302 सहपठित धारा 149, धारा 147, 148 भादवि में दोषसिद्ध ठहराते हुए प्रत्‍येक अभियुक्‍त को आजीवन कारावास एवं 2000/- 2000/- रूपये अर्थदण्‍ड की सजा से दण्डित किया गया।

 

 

 

 


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