नशा मुक्ति अभियान: जागरूकता की लौ और लत के अंधेरे से संघर्ष

अमिलिया। नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत थाना अमिलिया पुलिस द्वारा 26 जुलाई 2025 को ग्राम कोदौरा में एक जागरूकता जनसंवाद का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य समाज के व्यापारी वर्ग, युवाओं और नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में थाना अमिलिया पुलिस स्टाफ के उप निरीक्षक इंद्राज सिंह, प्रधान आरक्षक लोकेंद्र सिंह, आरक्षक रघुराज सिंह (531) व सुरेंद्र पांडे सहित ग्राम पंचायत सदस्य, व्यापारी वर्ग, युवा कार्यकर्ता व ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत व्यापारी वर्ग की सक्रियता
नशा मुक्ति अभियान के तहत ग्राम कोदौरा में विशेष रूप से व्यापारी वर्ग को लक्ष्य बनाते हुए चलित सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में जन संवाद के माध्यम से व्यापारियों को नशे की आदत से होने वाले सामाजिक व आर्थिक नुकसान बताए गए। सभी को शपथ दिलाई गई कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। पोस्टर वितरित किए गए और सहभागिता की अपील की गई।
नशा मुक्ति अभियान में युवाओं की प्रेरक भागीदारी
नशा मुक्ति अभियान में ग्राम कोदौरा के युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं को कविता व नारे के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशा न केवल जीवन को तबाह करता है, बल्कि समाज की प्रगति को भी अवरुद्ध करता है।
कविता की पंक्तियाँ:
> “जीवन में अगर स्वस्थ है रहना,
> तो नशे से हमें दूर है रहना।
> अब हम सबने यह है ठाना,
> नशे को जड़ से है मिटाना।”
नशा मुक्ति अभियान में जनसंवाद और जागरूकता का प्रभाव
नशा मुक्ति अभियान के जनसंवाद कार्यक्रम में नागरिकों को नशे के खिलाफ प्रेरक स्लोगन भी बताए गए। ये नारे जन-जागरूकता फैलाने के लिए प्रभावशाली माध्यम बने:
देश को बचाना है, नशे को बंद कराना है।
जन-जन का यही संदेश, नशा मुक्त हो मध्य प्रदेश।
छोड़ो नशा और शराब, न करो अपना जीवन खराब।
सभी उपस्थितों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे नशे से दूर रहेंगे और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाएंगे।
नशा मुक्ति अभियान को मजबूत बनाएं: मिलकर कदम बढ़ाएं
नशा मुक्ति अभियान तभी सफल हो सकता है जब हर नागरिक—चाहे व्यापारी हो, छात्र हो, या पंचायत सदस्य—इस मुहिम का हिस्सा बने। ग्राम कोदौरा में जो सकारात्मक पहल हुई है, वह अन्य गांवों व कस्बों के लिए प्रेरणा बनेगी।




