भालू का खूनी आतंक और ग्रामीणों की बहादुरी: सीधी में भालू हमला से तीन की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने दी सजा

सीधी। सीधी जिले के बस्तुआ में आज सुबह भालू हमला सीधी ने खूनी आतंक मचा दिया, जिसमें तीन ग्रामीणों की मौत और दो के गंभीर घायल होने से इलाके में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए भालू को घेरकर मौत के घाट उतार दिया, जिसके बाद गांव में तनाव के साथ आक्रोश भी देखा गया। घटना ने वन विभाग की लचर निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
भालू हमला सीधी में कैसे हुआ खूनी तांडव
भालू हमला सीधी की घटना सुबह करीब 6 बजे उस समय हुई जब 80 वर्षीय बब्बू यादव अपने घर के पास थे, तभी जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया। बचाव में पहुंचे 70 वर्षीय दीनबंधु साहू और 43 वर्षीय संतोष यादव भी भालू के हमले का शिकार हो गए। मौके पर ही बब्बू यादव और दीनबंधु साहू की मौत हो गई, जबकि संतोष यादव ने अस्पताल में दम तोड़ा।
भालू हमला सीधी में ग्रामीणों की बहादुरी
भालू हमला सीधी के बाद जब गांव में चीख-पुकार मची, तो अन्य ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए भालू को घेर लिया। ग्रामीणों ने भालू को मार गिराकर गांव में और किसी की जान जाने से बचा ली। इस दौरान दो पालतू भैंसें भी भालू का शिकार बनीं। घटना ने ग्रामीणों में गुस्सा भर दिया और वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर नाराज़गी जताई गई।
भालू हमला सीधी के बाद घायलों की स्थिति
भालू हमला सीधी में घायल हुए मनीष साहू (27) और तेजबली सिंह (65) का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज जारी है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है, वहीं गांव में दहशत का माहौल है। परिवारजन और ग्रामीण प्रशासन से घायलों के बेहतर इलाज और आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं।
भालू हमला सीधी पर वन विभाग की लापरवाही सवालों में
भालू हमला सीधी जैसी दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन पर नाराज़गी जाहिर की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते रेस्क्यू टीम पहुंचती तो जानें बच सकती थीं। उन्होंने वन विभाग से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने, निगरानी बढ़ाने और जंगल किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी रखने की मांग की है।




