उफनी सोन नदी बनी संकट भी और सबक भी! बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहा सीधी जिला

सीधी। उफनी सोन नदी ने एक बार फिर जिले के ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद बाणसागर डैम से छोड़े गए अतिरिक्त पानी ने जलप्रवाह की तीव्रता को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है। खासकर सिहावल तहसील के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की है।
उफनी सोन नदी बनी बाणसागर डैम से छोड़े पानी की वजह
बाणसागर डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिसके चलते प्रशासन को मजबूरी में डैम के तीन गेट खोलने पड़े। बड़ी मात्रा में छोड़ा गया पानी सीधे उफनी सोन नदी में पहुंचा, जिससे नदी का जलस्तर अचानक तेज़ी से बढ़ा। साथ ही जिले की अन्य सहायक नदियों के मिलने से नदी रौद्र रूप में नजर आ रही है।
उफनी सोन नदी के कारण तटीय गांवों में खतरा बढ़ा
सिहावल तहसील के कई गांव जलभराव और बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी सक्रिय सहयोग की अपील की गई है, ताकि समय पर राहत पहुंचाई जा सके।
उफनी सोन नदी के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर
गोपद बनास के एसडीएम नीलेश शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे उफनी सोन नदी के किनारे न जाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। SDRF प्लाटून कमांडर मयंक तिवारी ने बताया कि उनकी टीम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना देने की व्यवस्था सक्रिय कर दी गई है।
उफनी सोन नदी पर SDRF और पुलिस की कड़ी निगरानी
प्रशासनिक अमला, SDRF और पुलिस बल को तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए सभी ज़रूरी तैयारियां कर ली गई हैं। अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




