लोक कलाकारों ने परसिली महोत्सव पर जताया आभार सीधी में मिले सम्मान को जीवन भर नहीं भूल पाउंगी – उर्मिला देश भर में हो रहा है बघेली लोकगीतों का विस्तार -मान्या पाण्डेय

लोक कलाकारों ने परसिली महोत्सव पर जताया आभार
सीधी में मिले सम्मान को जीवन भर नहीं भूल पाउंगी – उर्मिला
देश भर में हो रहा है बघेली लोकगीतों का विस्तार -मान्या पाण्डेय
सीधी। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम, जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सहयोग से उत्थान सामाजिक, सांस्कृति एवं साहित्यिक समिति सीधी के व्दारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव का आयोजन परसिली रिसोर्ट मझौली में राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। जिसमें बुंदेलखंड एवं बघेलखण्ड सहित देश के विभिन्न प्रदेशों के कलाकारों ने सहभागिता निभाई थी। देश के विभिन्न प्रांतों से आए सभी कलाकारों ने राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव के आयोजन कर्ताओं एवं राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय के प्रति आभार व्यक्त किये और उक्त महोत्सव को ऐतिहासिक बताया। बुंदेलखंड की वरिष्ठ राष्ट्रीय लोक गायिका उर्मिला पाण्डेय ने कहा कि मैं 1977 से लेकर अब तक देश और विदेश में हजारों शासकीय एवं अशासकीय आयोजनों में जा चुकी हूं किन्तु सीधी के परसिली जो सम्मान और लोगों का स्नेह मिला है। वह मैं कभी नहीं भूल पाउंगी। मैं दहे दिल से अपनी प्यारी बेटी इतने कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर बघेली लोकगीतों को पहुंचाने बाली और स्वयं की पहचान बनाने वाली मान्या पाण्डेय के प्रति आभार ज्ञापित करती हूं। जिन्होंने हमें अपने महोत्सव में शामिल होने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने ने कहा कि मैं काफी दिनों से मान्या को जानती हूं उसके साथ मैं संस्कृत मंत्रालय के कई कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हूं। मान्या पाण्डेय को मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे देश के लोग और लोक कलाकार जानते हैं। महोत्सव में शामिल शिवांजन भट्टाचार्य कलकत्ता परिश्रम बंगाल, कंकण भट्टाचार्य असम, प्रत्युष व्दिवेदी, सुभाष राय बिहार, संजय राज पटना बिहार, वैष्णवी राय बलिया उत्तरप्रदेश, नवीन नीतेश पाण्डेय बनारसी उत्तर प्रदेश , कपिल तिवारी, नरेंद्र बहादुर सिंह, अपर्णा मिश्रा सीधी एवं कर्णबीर सिंह तोमर, रावेन्द्र तिवारी, प्रकाश मिश्रा, कृष्ण जन्म व्दिवेदी आदि ने राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव परसिली को आयोजित करने बाली उत्थान सामाजिक सांस्कृति एवं साहित्यिक समिति एवं राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय के प्रति एतिहासिक कार्यक्रम की सफलता पर आभार व्यक्त किये है। इस दौरान राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय ने कहा कि मुझे इस बात की काफी खुशी है कि हमारी बोली बघेली का देश भर में विस्तार हो रहा है। इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से जहां एक ओर हम सब स्थानीय लोक कलाकारों को विभिन्न प्रदेशों के लोकगीत सीखने और समझने का अबसर मिलता है तो वहीं दूसरी ओर बघेली लोकगीतों का देश भर में विस्तार होता है। उन्होंने ने बताया कि देश भर से आये सभी लोक कलाकार काफी खुश और संतुष्ट दिखे और सभी ने जिले के लोगों से मिले स्नेह और सम्मान के प्रति आभार प्रकट किये है।




