बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में श्रमिकों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में नहीं दिख रही व्यवस्था बिना सुरक्षा उपकरणों के श्रमिक कर रहे कार्य

सीधी। निर्माण कार्यों में संलग्र श्रमिकों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। संविदाकारों द्वारा श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं किया जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। विगत दिनो शहर के शासकीय नर्सिंग कॉलेज के छात्रावास भवन की पुताई करने के दौरान बिना सुरक्षा उपकरण कार्य कर रहे श्रमिक की चौथी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। इस मामले में श्रमिकों की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं के तहत संविदाकार ओंकार शुक्ला एवं सरोज कुशवाहा के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। लेकिन इस हादसे के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चि कराने की दिशा में पहल नहीं की जा रही है। शहर सहित ग्रामीण अंचलों में चल रहे निर्माण कार्यों में बिना सुरक्षा उपकरणों के श्रमिक उचाइयों में कार्य कर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। विगत दिनो शहर सहित ग्रामीण अंचलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का जायजा लिया गया तो वहां कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने में बड़ी चूक देखने को मिली। निर्माण कार्यों में कार्यरत श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरण जान जोखिम में डालकर कार्य करते नजर आए। जबकि मजदूरों को निर्माण कार्य करने से पहले हेलमेट, हाथों में दस्ताने, पैरों में जूते अनिवार्य होने चाहिए। जो मजदूर उंचाई पर काम करते हैं उनके लिए खासकर झूले का इंतजाम किया जाना चाहिए।
नवीन कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में दिखी लापरवाही
मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल संभाग सिंगरौली के तहत पुराने कलेक्ट्रेट भवन सीधी के परिसर में नवीन कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण किया जा रहा है। यहां भी तीसरी मंजिल में निर्माण कार्य जारी है। लेकिन निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को संविदाकार द्वार सुरक्षा संबंधी उपकरण उपलब्ध नहीं कराये गए हैं। श्रमिक जान जोखिम में डालकर काफी उंचाई में कार्य करते नजर आ रहे हैं। कलेक्ट्रेट के पास निर्माण कार्य होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करा पा रहे हैं।
न्यायाधीशों के आवास निर्माण में अनदेखी
शहर के सिविल लाइन मुहल्ले में कलेक्टर आवास के सामने न्यायाधीशों के आवास का निर्माण किया जा रहा है। यहां ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन मंजिला इमारत में के निर्माण में श्रमिक बिना सुरक्षा के उपकरण के जान जोखिम में डालकर कार्य करते नजर आए। जबकि श्रमिक 40 फिट की ऊंचाई पर लटकते हुए भाड़ा बांधने का कार्य कर रहे थे। जब जिले के सबसे प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी कलेक्टर के आवास के सामने इस तरह की मनमानी की जा रही है।
पानी टंकी निर्माण में भी यही हाल
जल निगम के तहत ग्रामीण अंचलों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पानी की टंकियों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यहां भी तीस से चालीस फिट की ऊंचाई पर श्रमिक जान जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं। संविदाकारों द्वारा कार्य में संलग्र श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं। जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत जोड़ौरी के ग्राम पोंड़ी में निर्माणाधीन पानी की टंकी में मजदूर उंचाई पर बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य करते नजर आए।




