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रीवा : अवैध वसूली और फर्जीवाड़े पर भड़कीं कलेक्टर, कहा- ‘समिति प्रबंधकों पर होगी FIR”

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रीवा : अवैध वसूली और फर्जीवाड़े पर भड़कीं कलेक्टर, कहा- ‘समिति प्रबंधकों पर होगी FIR”

 

रीवा : जिले के धान खरीदी केंद्रों पर इन दिनों अन्नदाताओं के हक पर डाका डालने वाला एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है.सरकारी सिस्टम में सेंध लगाकर व्यापारी अब किसानों के नाम पर अपना माल खपाने की कोशिश कर रहे हैं.मामला तब उजागर हुआ जब कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्वयं मोर्चे पर उतरकर केंद्रों का निरीक्षण किया.

 

जांच में पाया गया कि एक-एक व्यापारी के पास दर्जनों किसानों के रजिस्ट्रेशन मौजूद हैं और धान की आवक ट्रकों के जरिए हो रही है, जबकि असली किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए कतार में खड़ा है.

सरहद पार से आ रहा धान, सीमावर्ती केंद्रों पर पहरा

रीवा की भौगोलिक स्थिति उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से जुड़ी होने के कारण यहां सीमावर्ती केंद्रों पर माफिया सबसे ज्यादा हावी हैं.

 

कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, बाहरी धान को रोकने के लिए सीमाओं पर चौकियां तो बनाई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद ‘बिचौलिया तंत्र’ फर्जी रजिस्ट्रेशन के सहारे बाहरी धान को केंद्रों तक पहुंचा रहा है। खौर और मनवा जैसे खरीदी केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियां चरम पर हैं, जहां एक ही व्यक्ति के पास कई किसानों के दस्तावेज पाए गए हैं.

 

किसानों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि केंद्रों पर उनसे अवैध वसूली की जा रही है। धान की सफाई और तौलाई के नाम पर किसानों से 13 रुपये प्रति क्विंटल वसूले जा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि पैसे लेने के बावजूद बिना सफाई किए ही धान की तौलाई की जा रही है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन और सरकारी राजस्व को चूना लगाने जैसा है.

 

हाल ही में मनवा खरीदी केंद्र में अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि: यदि किसी समिति या वेयरहाउस में किसी अन्य का धान पाया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. किसान अपना पंजीयन किसी दूसरे व्यक्ति को न दें, वरना वे भी इस जालसाजी में भागीदार माने जाएंगे.समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि केवल वास्तविक किसानों का ही माल तौला जाए.

 

शहरी क्षेत्र से सटे खौर खरीदी केंद्र में स्थिति और भी गंभीर है। यहां लंबी कतारों में खड़े किसानों के बीच कई ऐसे ट्रक देखे गए हैं जिनका संबंध किसानों से नहीं बल्कि व्यापारियों से बताया जा रहा है। प्रशासन अब उन सभी रजिस्ट्रेशनों की जांच कर रहा है जिनके आधार पर भारी मात्रा में धान लाया जा रहा है.

 

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताये की”हम लगातार केंद्रों की जांच कर रहे हैं.सीमावर्ती जिलों से आने वाले अवैध धान पर हमारी नजर है.जहाँ भी अनियमितता मिलेगी, वहां के प्रबंधक और संबंधित माफिया पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.”


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