सडक किनारे खड़े वाहन बन रहें दुर्घटना का कारण

सडक किनारे खड़े वाहन बन रहें दुर्घटना का कारण
सीधी। जिले की मुख्य सडकों के किनारे बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों के चलते सडक़ हादसे बढ़ रहे हैं। दिन के समय तो सडक से गुजरने वाले वाहनों के चालकों को बेतरतीब खड़े वाहनों की जानकारी समय रहते मिल जाती है और वह सावधानी पूर्वक आगे निकल जाते हैं किन्तु रात के समय सडक की पटरियों में खड़े होने वाले वाहनों के चलते हादसो की संभावना बढ़ जाती है। जिले में हर महीने ऐसे हादसे सामने आ रहे हैं जिनका मुख्य कारण सडक़ के किनारे खड़े वाहन ही रहते हैं। दरअसल सडकों के किनारे या फिर आधी सडक दबाकर वाहन मनमौजी तौर पर चालक खड़ा कर देते हैं।
यह वाहन बेतरतीब रूप से इसी तरह घंटों खड़े होकर समस्याएं बढ़ाते रहते हैं। रात के समय सडक़ में अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों के चलते सडक हादसे हो जाते हैं। उस दौरान असमय ही कई लोग काल के गाल में समा जाते हैं या फिर गंभीर रूप से घायल होने के बाद जिन्दगी और मौत से संघर्ष करते रहते हैं।
सडक हादसों के शिकार होने वाले लोगों का पूरा परिवार इस दंश को भुगतने के लिए मजबूर होता है। जानकारों के अनुसार मुख्य सडकों के किनारे ढावों के संचालन की मची होड़ के चलते भारी वाहनों के साथ ही अन्य वाहन भी आसपास घंटों खड़े रहते हैं। वाहन चालकों कोआकर्षित करने के लिए ढावा संचालक अपने यहां सभी सुविधाएं मुहैया कराते हैं। इनमें खाने-पीने से लेकर नशे की सामग्री भी शामिल होती हैं। इसी वजह से भारी वाहनों के ड्राइवर एवं खलासी प्राथमिकता के साथ ढावों के किनारे ही रूकते हैं वहां उन्हे नहाने, सोने एवं खाने-पीने की सामग्री के साथ ही नशे की सामग्री भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। दूर से आने वाले वाहनों के कर्मचारियों द्वारा ढावों में कई घंटे रूकते हैं और उस दौरान उनके वाहन सडक पर ही बेतरतीब रूप से खड़े होकर सडक हादसों को बड़ा आमंत्रण देते रहते हैं।
ढाबों के किनारे लगता हैं काफिला
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग, राजमार्ग के साथ ही ग्रामीण अंचलों की सडकों में भी यही स्थिति देखी जा रही है। सबसे ज्यादा इस तरह की तस्वीर ढाबों के किनारे देखी जाती हैं, ढाबा संचालकों द्वारा अपने ग्राहकों को पार्किंग में लगाने का जोर नहीं दिया जाता। इसी वजह से सडक के किनारे खड़े वाहनों में रात के दौरान अन्य वाहन आकर टकरा जाते हैं और उनमें सवार लोग गंभीर सडक हादसे के शिकार हो जाते हैं। यह जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को भी बखूबी रहती है किन्तु उनके द्वारा इस संबंध में कभी भी यह व्यवस्था बनाने का प्रयास नहीं किया गया कि ढावों के आसपास वाहनों का जमावड़ा नहीं होना चाहिए। यदि ढावों में वाहन रुकते हैं तो मुख्य सडक़ से काफी दूर खड़े हो।




