सोशल मीडिया पर जातिसूचक टिप्पणियों से बढ़ा तनाव, कार्रवाई की मांग तेज

सीधी। जातिसूचक टिप्पणी मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां सोशल मीडिया पर बढ़ रही भड़काऊ और जातिसूचक टिप्पणियों को लेकर तनाव की स्थिति बनती जा रही है। इस पूरे मामले में शिवसेना ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय ने जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित निवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर विभिन्न वर्गों—सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी—के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोग व्यक्तिगत लाभ और सस्ती लोकप्रियता के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे समाज में तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। हाल ही में अमिलिया थाना क्षेत्र में हुई घटना को भी इसी प्रकार की गतिविधियों का परिणाम बताया गया।
शिवसेना ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग लगातार ऑनलाइन और जमीनी स्तर पर भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
विवेक पाण्डेय ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी की जाए। साथ ही साइबर सेल के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने यह भी आग्रह किया कि क्षेत्र में सतत निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
इस दौरान शिवसेना के जिलाध्यक्ष बेनाम सिंह बघेल, जिला महामंत्री सुनील रावत, नगर अध्यक्ष जैनेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।




